दिल्ली । साहित्यकार गोपालदास नीरज का निधन


नीरज का दिल्ली के AIIMS में चल रहा था इलाज
सीने में दर्द की शिकायत के बाद AIIMS में थे भर्ती
सम्पूर्ण साहित्य और काव्य समाज में शोक की लहर
पद्मविभुषण से सम्मानित थे गोपालदास नीरज
इटावा के पुरावली में 4 जनवरी 1924 में हुआ था गोपालदास का जन्म
गोपालदास 3 फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित थे
6 साल की उम्र में गोपालदास के सर से उठ गया पिता का साया
एटा से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी हाईस्कूल की परीक्षा
आर्थिक स्थिति सही न होने से कचहरी में टाइपिस्टस का भी किया काम
1994 में एम.ए. हिन्दी साहित्य से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया
गोपालदास ने हिन्दी प्रवक्ता के पद पर भी कार्य किया
खुद को कवि बनने में हरिवंशराय बच्चन की भूमिका को अहम मानते थे गोपालदास
‘जलाओ दीए पर रहे ध्यान इतना, अंधेरा धरा पर कहीं रह न जाए’
गोपालदास का हिन्दी काव्य जगत में विशेष योगदान