एक दिया ऐसा भी जले । ©️विमल
******************

एक दिया उन सपनों को
जो जगते जगते सो गए ,

एक दिया उन कदमों को
जो भीड़ में चल कर खो गए।

एक दिया उन अंधेरों को
जो दिल में छुप कर बैठे हैं ,

एक दिया उन नैनों को
जो चुप रह कर सब कहते हैं।

एक दिया उन ज़ज्बातों को
जो टूटे मन में संचित हैं ,

एक दिया उन मजलूमों को
जो अब भी रोशनी से वंचित हैं ।

एक दिया ऐसा भी जलाना
जिसमें ना कोई नुमाइश हो ,

एक दिया ऐसा भी जले
जिसे सच पर मिटने की ख्वाहिश हो..!