जौनपुर । मल्हनी विधानसभा में उपचुनाव की तैयारियां जोरों पर है । राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए लगातार जनसम्पर्क कर रहे हैं । उपचुनाव को लेकर युवाओं की नजरें एक बेहतर प्रत्याशी की तलाश में हैं जो क्षेत्र के बारे में सोचे, बेरोजगारों को रोजगार दिलाने का प्रयास करे । बहुजन समाज पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है जबकि अन्य पार्टियां अभी जाति समीकरण बनाने के लिए दूसरी पार्टियों के प्रत्याशी की घोषणा का इंतजार कर रही हैं । इस सन्दर्भ में युवा मतदाता और बीएचयू की छात्रा निव्या चौहान ने कहा कि "मल्हनी ही नहीं पूरे देश के चुनाव में इसी तरह होता है चुनाव जीतने के लिए पार्टियां विकास, रोजगार, सड़क, पानी, बिजली का मुद्दा नहीं उठाती वे हमेशा से जाति समीकरण सेट करती हैं और जातिवाद को बढ़ावा देती हैं । मल्हनी उपचुनाव के शेष कार्यकाल में उम्मीद है कि ग्रामीण अंचलों की बात विधानसभा तक जाएगी । टूटी सड़कें जनपद की प्रमुख समस्या है जौनपुर मल्हनी से गुजरने वाली अधिकतर सड़कें बड़े जनपद जैसे वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ को जोड़ती हैं इसलिए इनपर ध्यान देने की जरुरत है।" तिलकधारी महाविद्यालय से एम. ए. के छात्र सुरेंद्र विश्वकर्मा का कहना है "उपचुनाव में हम उस प्रत्याशी को वोट करना चाहते हैं जो बिना  किसी भेदभाव के विकास कार्यों को पूरा करे, जो चुनाव के पहले ही अपने क्षेत्रों में विशेष रूप से कार्य किया हो और अपनी पहचान बनाई हो, वह किसी आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ न हो साथ ही पढ़ा लिखा हो और जिससे आसानी से अपनी बातों, समस्याओं को रखना सम्भव हो और वह उसपर अमल करे।" मल्हनी के युवा मतदाता और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र शेरबहादुर उपचुनाव को लेकर कहते हैं कि "सामान्य चुनाव और उपचुनाव में अन्तर हैं उपचुनाव से ना तो सरकार बनेगी और ना ही गिरेगी, लेकिन प्रदेश का हर एक युवा ये ज़रूर संदेश ज़रूर देगा की आने वाले समय में बदलाव ज़रूर होगा। प्रदेश की वर्तमान सरकार रोजगार देने के बजाय छीन रही है तो उस पर हमें भरोसा नहीं इसके अलावा प्रदेश की क़ानून व्यवस्था भी लचर नज़र आ रही है, दिन - प्रतिदिन हत्या, बलात्कार ,चोरी की घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं ।  ये सब होने पर भी सरकार और सरकारी तंत्र सब पंगु बने बैठें हैं ।"